-->

Popular Posts

विजेंदर सिंह के मुक्को ने दिखाया दम

विजेंदर सिंह के मुक्को ने दिखाया दम



छत्तीसगढ़ के रायपुर में पहला प्रोफेशनल अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग मुकाबला विजेंदर सिंह के नाम रहा। अफ्रीकी देश घाना के मशहूर बॉक्सर एलियासु सुले को अपने आक्रामक पंच से धूल चटा दी। यह मुकाबला दूसरे चक्र के 1 मिनट 17 सेकेंड ही चला। इस बीच प्रोफेशनल बॉक्सिंग का रोमांच दर्शकों के सिर पर चढ़कर बोला।

छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित प्रोफेशनल बॉक्सिंग के इस इवेंट को 'द जंगल रंबल' नाम दिया गया था। रायपुर के सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में शाम होते ही हजारों दर्शक उमड़ पड़े थे। दर्शकों के उत्साह भरे शोर के बीच 6-6 राउंड के पांच मुकाबले खेले गए। इसका आखिरी मुकाबला भारतीय ओलंपियन विजेंदर सिंह और घाना के एलियासु सुले के बीच हुआ।


मैच में विजेंदर सिंह ने अपने तगड़े पंच से एलियासु सुले को नॉकआउट कर दिया। मुकाबले केवल दो मिनट 17 सेकेंड चला। विजेंदर सिंह ने अपने पंच से एलियासु सुले को ऐसी चोट दी कि वे वापसी नहीं कर सके। रेफरी ने विजेंदर का दाहिना हाथ हवा में उठाकर विजेता की घोषणा कर दी। इसके साथ ही पूरा स्टेडियम भारत माता की जय के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।



यह मुकाबला देखने के लिए खासतौर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद थे। रिंग से निकलकर विजेंदर सीधे मुख्यमंत्री के पास पहुंचे तो उन्हें गले से लगा लिया। पिछले 8 जून को प्रोफेशनल मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने रायपुर आकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर छत्तीसगढ़ में प्रोफेशनल बॉक्सिंग मैच आयोजन का प्रस्ताव रखा था। मुख्यमंत्री ने उनको अनुमति दी और रायपुर में पहले अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग मैच का आयोजन संभव हो पाया।



प्रोफेशनल बॉक्सिंग का 13वां मुकाबला जीते हैं विजेंदर

विजेंदर का पंच नहीं झेल पाए एलियासु:देसी बॉक्सर ने 2.17 मिनट में अफ्रीकी बॉक्सर को चटाई धूल; CM भूपेश बोले-खेलगढ़ बनेगा छत्तीसगढ़


विदेशी बॉक्सर के पस्त होने के बाद रेफरी ने विजेंदर सिंह के दाहिने हाथ को हवा में उठा दिया।


छत्तीसगढ़ के रायपुर में पहला प्रोफेशनल अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग मुकाबला विजेंदर सिंह के नाम रहा। अफ्रीकी देश घाना के मशहूर बॉक्सर एलियासु सुले को अपने आक्रामक पंच से धूल चटा दी। यह मुकाबला केवल 2 मिनट 17 सेकेंड ही चला। इस बीच प्रोफेशनल बॉक्सिंग का रोमांच दर्शकों के सिर पर चढ़कर बोला।


छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित प्रोफेशनल बॉक्सिंग के इस इवेंट को 'द जंगल रंबल' नाम दिया गया था। रायपुर के सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में शाम होते ही हजारों दर्शक उमड़ पड़े थे। दर्शकों के उत्साह भरे शोर के बीच 6-6 राउंड के पांच मुकाबले खेले गए। इसका आखिरी मुकाबला भारतीय ओलंपियन विजेंदर सिंह और घाना के एलियासु सुले के बीच हुआ।



इस मुकाबले को पूर्ण निष्पक्षता के साथ सफलतापूर्वक आयोजित करने में इंडियन बॉक्सिंग काउंसिल के निर्णायक समूह एवं तकनीकी अधिकारियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजक मंडल में सर्वश्री ब्रिगेडियर मुरलीधरन राजा (सेवानिवृत्त), डॉ संजोगिता, श्री मनोज पंवार, श्री अजय साल्वी, श्री सूरज वर्मा, श्री राहुल शर्मा, श्री केविन अल्फ्रेड डेविड आदि ने पूर्ण निष्ठा एवम् कर्मठता के साथ कार्यक्रम को उच्चतम शिखरता प्रदान की।


प्रो बॉक्सिंग मुकाबलों की कॉमेंट्री अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी विशेषज्ञ श्री संजीव दत्ता एवम् श्री रविकांत के द्वारा की गई।


मैच में विजेंदर सिंह ने अपने तगड़े पंच से एलियासु सुले को नॉकआउट कर दिया। मुकाबले केवल दो मिनट 17 सेकेंड चला। विजेंदर सिंह ने अपने पंच से एलियासु सुले को ऐसी चोट दी कि वे वापसी नहीं कर सके। रेफरी ने विजेंदर का दाहिना हाथ हवा में उठाकर विजेता की घोषणा कर दी। इसके साथ ही पूरा स्टेडियम भारत माता की जय के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।



यह मुकाबला देखने के लिए खासतौर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद थे। रिंग से निकलकर विजेंदर सीधे मुख्यमंत्री के पास पहुंचे तो उन्हें गले से लगा लिया। पिछले 8 जून को प्रोफेशनल मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने रायपुर आकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर छत्तीसगढ़ में प्रोफेशनल बॉक्सिंग मैच आयोजन का प्रस्ताव रखा था। मुख्यमंत्री ने उनको अनुमति दी और रायपुर में पहले अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग मैच का आयोजन संभव हो पाया।


पहली बार हो रहे इस मुकाबले को देखने पहुंचे का उत्साह भी चरम पर था। 

पहली बार हो रहे इस मुकाबले को देखने पहुंचे का उत्साह भी चरम पर था।

प्रोफेशनल बॉक्सिंग का 13वां मुकाबला जीते हैं विजेंदर



इस मुकाबले के जरिए विजेंदर सिंह ने लगभग 19 महीनों के बाद रिंग में कदम रखा था। इसके लिए उन्होंने मैनचेस्टर में कड़ी ट्रेनिंग ली है। इसके साथ ही ओलंपियन विजेंदर सिंह अपना 13वां प्रोफेशनल बॉक्सिंग मुकाबला जीत गए हैं। पिछले साल मार्च में गोवा में हुए ऐसे ही एक मुकाबले में वे रूस के अर्तयस लोपसन से हार गए थे। उससे पहले के 12 मुकाबलों में वे लगातार जीतते आए थे। विजेंदर सिंह ने बीजिंग ओलिंपिक में भारत के लिए मुक्केबाजी का कांस्य पदक जीता था। उन्होंने कॉमनवेल्थ में रजत और एशियाड में कांस्य पदक जीता है।

पहले चार मुकाबलों में यह रहा परिणाम

 जंगल रंबल के लाइट वेट ग्रुप में पहला मुकाबला अमेय नितिन और असद आसिफ खान के बीच हुआ। इस मुकाबले में असद ने बाजी मारी। दूसरा मुकाबला आशीष शर्मा और कार्तिक सतीश कुमार के बीच हुआ। जिसमें कार्तिक सतीश कुमार विजेता घोषित किए गए। तीसरा मैच शैकोम और गुरप्रीत सिंह के बीच हुआ। गुरप्रीत सिंह इस मैच के विजेता बने।


मुक्केबाजी का चौथा मुकाबला सचिन नौटियाल बनाम फैजान अनवर के बीच हुआ। दोनों खिलाड़ी शुरुआत से ही आक्रामक थे। लेकिन मुकाबला एक मिनट 17 सेकेंड में ही खत्म हो गया। सचिन नौटियाल अपने विरोधी फैजान अनवर का मुक्का नहीं झेल पाए। वे रिंग छोड़कर बाहर चले गए। खेल के नियमों के तहत रेफरी ने फैजान को विजेता घोषित कर दिया।
मुख्यमंत्री बोले-खेलगढ़ बनाने का माध्यम बनेगा यह मैच
 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, पेशेवर मुक्केबाजी छत्तीसगढ़ को खेलगढ़ में बदलने का माध्यम बनेगी। छत्तीसगढ़ को एक खेल राज्य खेलगढ़ के रूप में स्थापित करने का प्रयास जारी है। मुक्केबाज विजेंदर सिंह की पेशेवर लड़ाई इस योजना को और मजबूत करेगी। हमें न केवल लोगों को प्रोत्साहित करना है बल्कि छत्तीसगढ़ को खेल की महाशक्ति के रूप में पहचान दिलाने के लिए भी तैयारी करनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा, छत्तीसगढ़ में खेलों का माहौल बन रहा है। महिला हॉकी में पहले ही राज्य का प्रतिनिधित्व रहा है। अब कॉमनवेल्थ गेम्स में हमारी बिटिया आरुषि कश्यप ने बैडमिंटन में मैडल जीता है। तीरंदाजी में संभावना है। ऐसे आयोजनों से राज्य में खेलों को नया आयाम मिलेगा।

खेल पर्यवेक्षक: संजीव दत्ता

दूरभाष :- 9971999864

प्रायोजन के लिए /For sponsorship : khelkhiladi55@gmail.com

2 Responses to "विजेंदर सिंह के मुक्को ने दिखाया दम"

  1. बहुत बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दत्ता साहब

    ReplyDelete

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article